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अयोध्या विवाद: श्री श्री एक बार फिर करेंगे बैठक

लखनऊ। राम जन्मभूमि मंदिर मामले की सुनवाई के लिए उच्चतम न्यायालय ने जहां आगामी 14 मार्च तारीख नियत की है, वहीं दूसरी ओर आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर इस विवाद का हल ढूंढने के लिए 20 फरवरी को एक साथ बैठकर समझौते की एक और कोशिश करेंगे। इस विवाद का हल अदालत के बाहर ढूंढने के प्रयास में लगे बता दें कि मुस्लिमों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बीती 8 फरवरी को बंगलुरू में आर्ट ऑफ लिविंग (एओएल) संस्थापक श्री श्री रवि शंकर से मुलाकात की थी।

लखनऊ स्थित ऑब्जेक्ट रिसर्च एंड डेवलपमेंट (सीआरडीओ) के केंद्र, ऑथर हुसैन ने आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के कार्यकारी सदस्य सैय्यद सलमान हुसैनी नदवी के साथ एक प्रतिनिधि मंडल ने बेंगलुरु में श्री श्री के साथ बैठक की। दोनो पक्षों ने 20 फरवरी को अयोध्या में बैठकर इस मामले को हल करने पर सहमति जताई है।

इस बीच, एआईएमपीएलएबी के सदस्य सैय्यद सलमान हुसैनी नदवी ने गत शनिवार को हैदराबाद में हुई बोर्ड की बैठक में खुले तौर पर अयोध्या मामले का बातचीत के जरिए एक सौहार्दपूर्ण समाधान का समर्थन किया जबकि अन्य सदस्यों ने इसका विरोध किया और वे अदालत के फैसले के पक्ष में थे। सदस्यों पर सैय्यद सलमान को एआईएमपीएलबी से निष्कासन के लिए दबाव डाला। इंडियन मुस्लिम लीग के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद मतीन खान ने भी मौलाना सलमान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

सूत्रों के मुताबिक श्री श्री के प्रस्ताव में फैजाबाद में मस्जिद को किसी अन्य जगह पर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है। इसके बदले यह गारंटी देनी होगी कि हिंदू संगठनों की सूची में देश में अन्य 400 मस्जिदों को सुरक्षित होने चाहिए। उन पर दावा वापस लेना होगा। इनमें वाराणसी और मथुरा भी शामिल हैं। गौरतलब हो कि श्री श्री रवि शंकर ने पिछले साल नवंबर में लखनऊ और अयोध्या का दौरा किया था। बातचीत के माध्यम से इस मुद्दे के सौहार्दपूर्ण समाधान के बारे में बातचीत की थी। उन्होंने बातचीत शुरू करने से एक दिन पहले गत 16 नवम्बर को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के बाद अयोध्या का दौरा किया था।

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