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जेपी ग्रुप के निदेशकों की संपत्ति फ्रीज करने के आदेश

नई दिल्ली। जेपी इंफ्रा को सुप्रीम कोर्ट ने बहुत झन्नाटेदार करारा झटका दिया है। कोर्ट ने कंपनी के सभी निदेशकों की संपत्ति फ्रीज करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने जेपी एसोसिएट्स की ओर से जमा कराई गई 275 करोड़ रुपए की रकम को स्वीकार कर लिया। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए. एम. खानविलकर और जस्टिस डी.वाई चंद्रचूड़ की तीन सदस्यीय बेंच ने सभी 13 निदेशकों की निजी संपत्ति को फ्रीज कर लिया है। गौरतलब हो कि अदालत के आदेश के बिना ये लोग अपनी संपत्ति नहीं बेच सकेंगे। यही नहीं निदेशकों के पारिवारिक सदस्य भी अपनी संपत्ति नहीं बेच सकेंगे।


शीर्ष अदालत ने कहा कि यदि आदेश के बावजूद निवेशक अपनी संपत्ति बेचने की कोशिश करते हैं तो उनके खिलाफ आपराधिक मामला चलेगा। अदालत ने 13 नवंबर को हुई सुनवाई में जेपी ग्रुप से निवेशकों के 2,000 करोड़ रुपए लौटाने का प्लान पूछा था। इसके अलावा 22 नवंबर को सभी निदेशकों को व्यक्तिगत रूप से अदालत में मौजूद रहने का आदेश दिया था। इस पर जेपी असोसिएट्स लिमिटेड ने आज शीर्ष अदालत में 275 करोड़ रुपए जमा कराए। अदालत ने ग्रुप को 14 दिसंबर को 150 करोड़ रुपए और 31 दिसंबर को 125 करोड़ रुपए जमा कराने का आदेश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 10 जनवरी की तारीख तय की है।

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