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देश ने नहीं सुना दर्द तो बयां करने अमेरिका चले गये राजकुमार

यहां भी राहुल नहीं चूके नोटबंदी का रोना रोने से

वॉशिंगटन। भारत में भारतीय जनता पार्टी से करारी चोट खाये कांग्रेस पार्टी के राजकुमार कहलाने वाले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी एक अर्से से देश के छात्रों और भारत की आम जनता को लुभाने में लगे रहे लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिल सकी तो अब वे विदेशी छात्रों और वहां रह रहे भारतीयों को लुभाने में लगे हैं इसी के तहत वे दो सप्ताह तक अमेरिकी दौरे पर रहेंगे।उन्होंने आज अपने पहले कार्यक्रम के तहत कैलीफोर्निया विश्वविद्यालय-बार्कले में छात्रों को संबोधित किया। कार्यक्रम का विषय ‘इंडिया ऐट 70: रिफलेक्शन ऑन द पाथ फॉरवर्ड’ था। इसमें राहुल ने समकालीन भारत और इसके आगे के सफर के बारे में अपनी सोच को छात्रों के सम्मुख् रखी।

राहुल ने कहा कि मेरे नाना ने भी यहां पर भाषण दिया था, आपने मुझे भी बुलाया उसके लिए थैंक्यू। उन्होंने कहा कि भारत एक बड़ा देश है, अगर कोई कहता है कि वह भारत को समझता है तो बेवकूफ है। भारत के पास आज कई राज्य हैं, कई प्राकृतिक संसाधन है जो लोग सोच रहे थे कि भारत आगे नहीं बढ़ सकता है वो सभी गलत साबित हुए।राहुल ने कहा कि भारत में अहिंसा के विचार को हमेशा आगे रखा जाता है। उन्होंने कहा कि जब उनके पिता राजीव गांधी ने कंप्यूटर के बारे में बात की थी, उसका विरोध हुआ था। भाजपा के नेता जो बाद में भारत के पीएम बने थे, उन्होंने भी कंप्यूटर का विरोध किया था। भारत ने सबसे ज्यादा गरीब लोगों को गरीबी रेखा से निकाला, और यह सब शांतिपूर्ण तरीके से किया गया।

उन्होंने कहा कि भारत में अभी जॉब क्रिएट करने की कमी है, भारत को जॉब क्रिएट करनी होगी लेकिन हम चीन की नीति पर चलकर जॉब नहीं क्रिएट कर सकते हैं, हमें लोकतांत्रिक तरीके से ही ये करना होगा। भारत में छोटे-कारोबार में ही जॉब हैं। वहीं मोदी सरकार को घेरते हुए कहा कि नोटबंदी ने देश की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाई, और हमारी GDP 2% तक गिर गई। नोटबंदी करते समय मोदी सरकार ने संसद को अंधेरे में रखा।उन्होंने कहा कि भारत में कोई लंबे समय तक सत्ता में नहीं रह सकता। कांग्रेस भाजपा और राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ की तरह नहीं है, मेरा काम लोगों को सुनना है, उसके बाद फैसला लेने का है। भाजपा ने लोगों से बात करना बंद कर दिया है। नरेगा, जीएसटी हमारे प्रोग्राम थे जिन पर काम करके भाजपा क्रेडिट ले रही है।

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सैम पित्रोदा और इंडियन नेशनल ओवरसीज कांग्रेस (इनोक) की अमेरिकी इकाई के अध्यक्ष शुद्ध सिंह ने सैन फ्रांसिस्को हवाई अड्डे पर राहुल की अगवानी की। कांग्रेस प्रवक्ता मधु गौड याशी ने कहा, ‘‘वह यहां कैलीफोर्निया विश्वविद्यालय-बार्कले आए हैं जहां वह पंडित जवाहरलाल नेहरू ने प्रधानमंत्री के तौर पर 1949 में संबोधन दिया था। आज हम उस मोहाने पर खड़े हैं जहां भारतीय लोकतंत्र के मुख्य मूल्य धर्मनिरपेक्षता और बहुलवादी समाज खतरे में हैं।’’ अमेरिकी की अपनी यात्रा के दौरान राहुल भारतीय प्रवासी समुदाय से भी बातचीत करेंगे ताकि उनको भारत के विकास का हिस्सा बनाया जाए। राहुल सैन फ्रांसिस्को से लॉस एंजिलिस जाएंगे।

 

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