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पाकिस्तान को ट्रम्प की वॉर्निंग

आतंकियों पर कार्रवाई के मामले में अब ज्यादा मोहलत नहीं देगा अमेरिका

वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका पाकिस्तान को आतंकवाद से लड़ने के लिए काफी बड़ा फंड देता है। इतना ही नहीं उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पाकिस्तान को आतंकी संगठनों को खत्म करने के लिए एक्शन लेना ही होगा। बता दें कि ट्रम्प ने अमेरिका की नई नेशनल सिक्युरिटी स्ट्रैटजी लॉन्च करते हुए यह वॉर्निंग दी है। उन्होंने ने साफ लफज़ों में कहा कि अब वक्त आ गया है कि पाकिस्तान अपनी ज़मीन पर पल रहे आतंकियों को खत्म करने के लिए आखिरी फैसला देने वाली कार्रवाई करे। बता दें कि कुछ दिन पहले पेंटागन ने भी पाकिस्तान को ऐसी ही वॉर्निंग दी थी।

अमेरिका की नई नेशनल सिक्युरिटी स्ट्रैटजी का एलान करते हुए ट्रम्प का रुख पाकिस्तान के मुद्दे पर काफी तल्ख रहा। उन्होंने साफ कर दिया है कि अमेरिका पाकिस्तान को अब ज्यादा मोहलत देने के मूड में नहीं है। ट्रम्प की नई नेशनल सिक्युरिटी पॉलिसी को अमेरिकी कांग्रेस से अप्रूवल मिल चुका है। मतलब ये है कि ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन अब इस पाॅलिसी के हिसाब से आगे बढ़ सकता है। ट्रम्प ने कहा कि हमने पाकिस्तान को साफ बता दिया है कि हम उससे रिश्ते जारी रखना चाहते हैं लेकिन हम अब साफ तौर पर ये देखना चाहते हैं कि पाकिस्तान अपनी जमीन पर पनाह लेने वाले आतंकी संगठनों को खत्म करने के लिए निर्णायक कार्रवाई करे। ट्रंप ने आगे कहा कि ये याद रहना चाहिए कि अमेरिका पाकिस्तान को हर साल काफी पैसा देता है। उन्हें हमारी मदद करनी ही होगी।

बताते चलें कि​ डोनाल्ड ट्रम्प ने सत्ता संभालने के बाद पहली बार नेशनल सिक्युरिटी पॉलिसी जारी की है। इसको देखकर साफ लगता है कि अमेरिका पाकिस्तान को आतंकियों पर कार्रवाई के मामले में अब ज्यादा मोहलत नहीं देगा। नई पॉलिसी में ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा है कि अमेरिका अफगानिस्तान में एक स्थिर और मजबूत सरकार चाहता है। पॉलिसी में साफ कहा गया है कि अफगानिस्तान में आतंकवाद फैलाने या वहां की सरकार को कमजोर करने की पाकिस्तान की साजिशें सहन नहीं की जाएंगी। पाकिस्तान से कहा गया है कि वो अफगान सरकार को कमजोर करने वाला कोई भी कदम नहीं उठाए।

पॉलिसी में ये भी कहा गया है कि 9/11 के हमले के बाद अमेरिका पाकिस्तान को 33 बिलियन डॉलर की मदद दे चुका है। हम चाहते हैं कि पाकिस्तान आतंकियों पर कार्रवाई का दायरा बढ़ाए और उसके नतीजे भी दिखें। ये मुमकिन नहीं कि दो पार्टनर में से कोई एक-दूसरे के खिलाफ ही हमलों की साजिश रचे। अफगानिस्तान में अमेरिकी फौज मौजूद है। इन पर पाकिस्तान के सपोर्ट से आतंकी हमले करते हैं। अमेरिका ने इस बारे में पाकिस्तान को वॉर्निंग दी है। वहीं भारत और पाकिस्तान के रिश्तों का भी पॉलिसी में जिक्र है। इसमें कहा गया है कि दोनों देशों की छोटी झड़प भी एटमी जंग की वजह बन सकती है। लिहाजा दोनों देशों को डिप्लोमैटिक फ्रंट पर काम करना होगा। बताते चलें कि अमेरिका ने कुछ दिनों पहले पाकिस्तान से कहा था कि अगर वो अपनी जमीन पर मौजूद आतंकी पनाहगाहों को खत्म नहीं करता तो फिर ये काम अमेरिका करेगा। हालांकि पाकिस्तान ने अमेरिका की वॉर्निंग पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। यहां तक कि मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड हाफिज सईद भी वहां रिहा कर दिया गया।

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