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उपचुनाव: यूपी की दो लोकसभा सीटों पर मुकाबला शुरू

लखनऊ। उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की राजनीतिक जमीन गोरखपुर तो वहीं प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की कर्मस्थली फूलपुर लोकसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया है। दोनों सीटों पर भाजपा और सपा के बीच कांटे की रही टक्कर मानी जा रही है। फूलपुर में भाजपा के कौशलेंद्र पटेल और बसपा समर्थित सपा प्रत्याशी नागेंद्र पटेल के बीच मुकाबला माना जा रहा है। जबकि कांग्रेस के मनीष मिश्रा और बाहुबली अतीक अहमद भी निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं गोरखपुर में भाजपा के उपेंद्र शुक्ला और बसपा समर्थित सपा प्रत्याशी प्रवीण निषाद और कांग्रेस की सुरहिता करीम मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

बताते चलें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने गोरखपुर और डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने फूलपुर सीट से पिछले साल इस्तीफा दे दिया था। इसके चलते दोनों सीटों पर उपचुनाव हो रहा है। दोनों ने अपनी सीटों पर जमकर प्रचार किया है। ऐसे में भाजपा के इन दोनों दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है।सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में मतदान करने के बाद कहा कि गोरखपुर और फूलपुर दोनों सीटों पर हो रहे उपचुनाव में भाजपा भारी मतों से जीत दर्ज करेगी।उन्होंने कहा कि मोदी के विकास के आधार पर 2019 के चुनाव नतीजे भाजपा के लिए बेहतर होंगे।

योगी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राहुल को अपनी नकारात्मक राजनीति के बारे में सोचना चाहिए। देश में कांग्रेस का सफाया हो रहा है। हिमाचल और अब मेघालय में कांग्रेस की हार के बाद अब बारी कर्नाटक की है। गौरतलब हो कि प्रदेश की दो लोकसभा सीटों गोरखपुर और फूलपुर में उपचुनाव के लिए आज यानी रविवार को वोट डाले जा रहे हैं।


वहीं प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने मतदान करने से पहले कहा कि फूलपुर लोकसभा सीट पर नतीजा भाजपा के पक्ष में होगा। उन्होंने कहा कि मोदी के विजय रथ को रोकने के लिए जो सपा-बसपा ने गठबंधन किया है। उपचुनाव में ही इसकी हवा निकल जाएगी। फूलपुर और गोरखपुर दोनों लोकसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार भारी मतों से जीत दर्ज करेंगे।केशव ने कहा कि मोदी लहर अभी भी कायम है और 2019 में भी रहेगी। इसी डर से पूरा विपक्ष एकजुट हो रहा है लेकिन कोई फायदा मिलने वाला नहीं है। देश में मोदी के विकास को जनता स्वीकार रही है।

बता दें कि गोरखपुर भाजपा की परंपरागत सीट मानी जाती है, इसीलिए गोरखपुर को पार्टी का दुर्ग कहा जाता है। महंत अवैद्यनाथ ने 1989 में हिंदु महासभा के टिकट पर चुनाव के जीत का जो सिलसिला शुरू किया था वह आज भी कायम है। ये भी कटु सत्य है कि गोरखुपर में महंत अवैद्यनाथ की राजनीतिक विरासत को योगी आदित्यनाथ ने 1998 में संभाला तो फिर पलटकर नहीं देखा।

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